स्मृति गीत / शोक गीत याद आ रही पिता तुम्हारी --संजीव 'सलिल'
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*स्मृति गीत / शोक गीत
संजीव 'सलिल'
याद आ रही पिता तुम्हारी
याद आ रही
पिता तुम्हारी...
*
तुम सा कहाँ
मनोबल पाऊँ?
जीवन का सब
विष पी पाऊँ.
अमृत बाँट सकूँ...
1 week ago



पप्पू का नौकर प्रेम बना गया प्रेमिका का भाई

7 comments:
प्रेमिका ने एक ही झटके में दो निपटा लिये...एक भाई बोलकर ...दूसरा तुम भी कुछ करोगे...मतलब सबकुछ तो तुम्ही करोगे जी ,,,
एक ही घर में दो-दो पप्पू !
वाह बहुत अच्छी बधाई
पप्पू को नौकर दहेज मे मिला है क्या
कही ऐसा हो नही कि खुफियागिरी करने आया हो
जमाना खराब है और अपना पप्पू भोला बहुत है
बेहद रोचक
पप्पू एक बार फिर से पप्पू बन गये..
पप्पूओं की माया या पप्पू जानें या फिर प्रेमिका...
जय हिंद...
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