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  पप्‍पू बदल रहा भगवान, सुन रही हो भागवान

Saturday, October 31, 2009


पप्‍पू ने लड़ा चुनाव
चुना गया और पार
कर गया चुनाव की नाव
और खा गया तुरंत ताव।

वोटों के सहारे तैर गया
कुर्सी पे जाके बैठ गया
पर नहीं हुआ संतोष
संसद सदस्‍य बनकर।

मंदिर में जाकर बहुत जोर से चिल्‍लाया
चिल्‍लाते समय धर्मेन्‍द्र और उसका बेटा
सन्‍नी देओल का चिल्‍लाना याद आया
मेरे भाई , मेरे भगवान ...

.......... और खूब करूणा जगाई
तू सुन रहा है, सुन रहा है तू भगवान
खूब जोर से आसपास की जमीन गुंजाई
तो दिलीप कुमार की याद ताजा हो आई।

मंत्री नहीं बनाया तूने
सन्‍नी भैया की लोहे सी आवाज में
गरजा - भगवान, मुझे मंत्री बना दे
वरना ...

वरना क्‍या ...
भगवान घबरा गया
घबराहट में भगवान
पूछ गया पप्‍पू से।

भगवान बदल लूंगा
दलबदलू नेता हूं
नेताओं को शर्मिन्‍दा नहीं करूंगा
देख लेना मंत्री बनकर ही रहूंगा
जो भगवान मुझे मंत्री बनायेगा
पांच बरस उसी की पूजा करूंगा।

भगवान मंदिर से ड्यूटी करके घर गया
तो बोला देवी से सुन रही हो भागवान
नेता बन गया, मुझे ही धमका रहा है
नेता बन गया है पप्‍पू श्रीमान शैतान।

17 comments:

M VERMA October 31, 2009 at 5:01 AM  

पप्पू की बात तो माननी ही होगी.
वर्नो उसे भगवान बदलना ही होगा. भगवानों की कोई कमी है क्या!

Suman October 31, 2009 at 6:23 AM  

कर गया चुनाव की नाव
और खा गया तुरंत ताव। nice

विनोद कुमार पांडेय October 31, 2009 at 7:29 AM  

बदलने की कोई लिमिट नही होती है जब शुरुआत हो जाए तो आदमी कुछ भी बदल सकता है..
बढ़िया पप्पू जी..खूब भाव खा रहे है नेता जी वाला..बढ़िया रचना मजेदार..धन्यवाद

ललित शर्मा October 31, 2009 at 9:16 AM  

नेता है कुछ भी बदल सकता है
माँ बाप बदल जाते हैं रिश्ते बदल जाते है
सरकार बदल देते हैं
तो भगवान भी बदल देंगे
भगवान को भी वी आई पी भक्तों की जरुरत है

HARI SHARMA October 31, 2009 at 10:20 AM  

अभी तो भाई शुरुआत है अग्ले चुनाव मे इतने पप्पू जीते़गे कि बिना पपपू समूह के समर्थन के कोई सरकार ना बन पायेगी. इसके बात किसी समझौते मे कोइ पप्पू सरकार का मुझिया भी बन जाये तो हमे मत कहना
पप्पू एकता जिन्दाबाद.
डा. कुमार विश्वास की कविता याद आती है -
बदलने को तो इन आन्खो के मन्ज़र कम नही बदले
तुम्हारी याद के मौसम हमारे गम नही बदले
तुम अगले जन्म मे मुझको मिलोगी तब तो मानोगी
जमाने और सदी के इस बदल मे हम नही बदले

रंजन October 31, 2009 at 10:25 AM  

वो पप्पु ही क्या जो न बदले...

अविनाश वाचस्पति October 31, 2009 at 10:27 AM  

पप्‍पू की नेतागिरी फसली हो रही है
जीत तो अब घी असली हो रही है।

राजाभाई कौशिक October 31, 2009 at 10:37 AM  

पप्पू पास हो गया
भगवान घबरा गया

MANOJ KUMAR October 31, 2009 at 1:15 PM  

नेता वह खास हो गया,
क्युंकि चुनावी परीक्षा में
पप्पू पास हो गया।
अब तो हमारी, आपकी, सबकी
तकदीर बदल देगा
हमें यह पक्का विश्वास हो गया।

महफूज़ अली October 31, 2009 at 5:36 PM  

hahaha..bahut achchi lagi yeh kavita.... bahut hi sateek vyang .......

सुरेश यादव October 31, 2009 at 9:04 PM  

प्रिय ,अविनाश जी,आप अपने पप्पू को मत छोडिये ,मुझे यकीं है ,पप्पू आप को भी नहीं छोडेगा .पप्पू को कुछ लोग बहुत कम कर के आंक रहे हैं.ऐसा नहीं है.आप ने एक ऐसा चरित्र इस ब्लाग को दिया है जिसने जवानी की आँखें जन तंत्र पर डाली हैं.वोट की समझ ने उसे व्यक्तित्व प्रदान किया है.प्रज्जतंत्र को वह भगवन भरोसे नहीं छोडेगा,वल्कि वह भगवन को भी प्रजातंत्र में भरोसा दिलाएगा .बस इसे जिवंत बनाये रखियेगा .मेरी बधाई.

राजीव तनेजा October 31, 2009 at 10:58 PM  

पूरे तैंतीस करोड़ देवी-देवता है...एक के नाम पर पाँच बरस तो सभी के नाम पर...??????

बाप रे...
नहीं चाहिए ऐसा नेता....नहीं चाहिए ऐसा नेता

अविनाश वाचस्पति October 31, 2009 at 11:21 PM  

@ राजीव तनेजा

अब नहीं चाहिए
नहीं चाहिए
की रट मत लगाएं
पप्‍पू जीत गया है
भगवान हार गया है
मौन उसने भी तोड़ दिया है
पप्‍पू हमारा बेमिसाल है
एक पप्‍पू से जुड़ जाएं
आपको जग से जोड़ देगा
सोने भी नहीं देगा
नींद भगवान की भी तोड़ेगा।

सुशील कुमार छौक्कर October 31, 2009 at 11:37 PM  

चलिए ये अच्छा हुआ।

सुशील कुमार छौक्कर October 31, 2009 at 11:39 PM  

भगवान बदल लूंगा
दलबदलू नेता हूं
नेताओं को शर्मिन्‍दा नहीं करूंगा
देख लेना मंत्री बनकर ही रहूंगा
जो भगवान मुझे मंत्री बनायेगा
पांच बरस उसी की पूजा करूंगा।

हमने तो सुना था कि जनता नेता बनाती है। भगवान कब से ये सब करने लगा जी।

अविनाश वाचस्पति October 31, 2009 at 11:47 PM  

@ सुशील कुमार छौक्‍कर

जब से पप्‍पू संसद सदस्‍य बना है
उसने नये प्रतिमान जोड़े हैं
आप समझेंगे पुराने तोड़े हैं।

Murari Pareek November 3, 2009 at 7:35 PM  

ha..ha,, neta banane ke baad kisi ko bhi dhamkaa sakta hai pappu !!!

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