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  पप्‍पू सलाह केन्‍द्र खुल गया है (अविनाश वाचस्‍पति)

Saturday, September 12, 2009


गुस्‍सा आता है
तो फेंकी जाती है चीजें
चीजें जो टूटती हैं
चीजें वो जो टूटने से
बच जाती हैं
उन्‍हें कौन बचाता है ?


इसका सनातन उपाय
क्‍या हो
सोच रहे थे यही
उस लड़की के परिवार वाले
कैसे लड़के से की जाए उसकी शादी
जो चीजों को फेंकती है और
करती है बरबादी।

लड़की की गुस्‍से में चीजें
फेंकने की इस आदत का
सही हल निकाल ले गया
पप्‍पू म्‍हारा समझदार हो गया।

पप्‍पू अब होशियार हो गया है
दुनियादारी समझने लगा है
उसने दे डाली है सलाह
क्रिकेट खिलाड़ी से कर दो
गुस्‍से में चीजें फेंकने वाली
इस लड़की का विवाह।

11 comments:

संजय तिवारी ’संजू’ September 12, 2009 at 7:20 AM  

आपकी लेखन शैली का कायल हूँ. बधाई.

Udan Tashtari September 12, 2009 at 7:25 AM  

बहुत सही!

Anonymous September 12, 2009 at 9:08 AM  

avinashji ne samasya ka bara hee moulik hal nikaala hai! unhe meree
badhaaee pahuncha den setu bhaee!
-Rekha Maitra

सुशील कुमार September 12, 2009 at 9:12 AM  

भई पप्पु तो बड़े काम का आदमी है!अपने मुहल्ले केलोगों को उनके पास ऐसे मौके की सलाह लेने भेजूँगा। जरा पता बताईएगा पप्पु भाई काआआआअ।

seema gupta September 12, 2009 at 9:29 AM  

हा हा हा हा पप्पू का पता क्या है....

regards

नन्हीं लेखिका - Rashmi Swaroop September 12, 2009 at 3:14 PM  

Hats off to our brilliant pappu !
pappu jaisa koi nahin !

हेमन्त कुमार September 12, 2009 at 3:56 PM  

गुस्‍सा आता है
तो फेंकी जाती है चीजें
चीजें जो टूटती हैं
चीजें वो जो टूटने से
बच जाती हैं
उन्‍हें कौन बचाता है ?
रहस्यमय और आध्यात्मिक । झनझना सा गया मन । आभार ।

PRAN SHARMA September 12, 2009 at 4:50 PM  

WAH KYA BAAT HAI ,MINTON MEIN HEE
HAR SAMASYA KAA HAL NIKAAL LETA
HAI PAPPU!

Suman September 12, 2009 at 10:08 PM  

पप्पू का पता क्या है

राजीव तनेजा September 13, 2009 at 12:28 AM  

काश!...मैँने किरकट सीखा होता :-(

वाणी गीत September 13, 2009 at 3:48 AM  

फिर तो पप्पू पक्का भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बना कर रहेगा ...पप्पू को अग्रिम बधाई और शुभकामनायें ..!!

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