;color:orange'सबद-लोक’ हमारी अनियतकालीन पत्रिका है जहाँ हम ‘धरोहर’ स्तंभ को छोड़कर अन्य सभी स्तंभों के लिये सिर्फ़ अप्रकाशित-अप्रसारित रचनाएँ ही लेते हैं। अत: जैसे-जैसे हमें आपकी पत्रिकानुकूल सामग्री प्राप्त होगी, उन्हें देखकर शीघ्र ही यहाँ लगाने का यत्न करेंगे और आपको उसके छपने की सूचना भी देंगे। पत्रिका के विविध स्तंभों के लिये आपकी रचनायें सादर आंमंत्रित हैं। अपनी रचनायें हमें कृपया युनिकोड फॉन्ट में ही उपलब्ध करायें। साथ में अपना फोटो, संपर्क-सूत्र और संक्षिप्त परिचय देना न भूलें। कृपया इस ई-पते पर पत्राचार करें और अपनी रचनायें भेंजें: sk.dumka@gmail.com > निवेदक- संपादक मंडल, ‘सबद-लोक’।

सबद-लोक का सदस्य बनें और नये पोस्ट की सूचना लें:

ईमेल- पता भरें:

  पप्‍पू का छोटा बेटा गंदी गंदी गालियां देता है

Saturday, February 6, 2010


पड़ोसी पप्‍पू का नाम प्‍यारेलाल
आकर बोला - जय राधेलाल

छोटा बेटा तुम्‍हारा
खोटा घणा है
गालियां देता है
गंदी गंदी।

प्‍यारेलाल जी मत कीजिये चिंता
उसे बड़ा होने दीजिये
फिर गालियां भी
अच्‍छी अच्‍छी दिया करेगा
सबका जिया जीत लेगा।


पप्‍पू ने बतलाया है
पप्‍पू अब वो पप्‍पू
नहीं रहा है।

Read more...

  पप्‍पू का रिसेंट फोटो देखना मत भूलियेगा

Saturday, January 30, 2010


पप्‍पू ने बांध दिया
बांध दिया मजा
जा रहे थे सड़क
सड़क
लिखा देगा दीवार पर
कुछ कड़क
दिमाग गया पप्‍पू का
तुरंत सरक

... पढ़ने वाला गधा


वहीं रूक गये
कदमों में दम था
पर वहीं जम गये
जमे रहे कई घंटे
मौसम कई बदले
फिर बदला दिमाग

लिखी लाईनों को मिटाया
उनकी जगह जवाब जमाया
लिखने वाला गधा।


गधा सीधा सादा
पूरा नहीं आधा।

Read more...

  पप्‍पू की पत्‍नी ने 26 जनवरी का भी इंतजार नहीं किया

Saturday, January 23, 2010


पप्‍पू के पुत्‍तर की टीचर ने
पप्‍पू दी कापी विच लिख्‍या
पुत्‍तर नूं अपने नहलाकर भेजा करें।

पप्‍पू ने अपनी पत्‍नी को
कापी फारवर्ड कर दी
पप्‍पू की पत्‍नी ने तुरंत
एक्‍शन ले लिया
26 जनवरी का भी
नहीं किया इंतजार।

पुत्‍तर नूं असी
भेजदे ने पढ़ान वास्‍ते
तुस्‍सी ओनू सूंघदे क्‍यों हो
प्रेम प्‍यारी टीचर जी ?

Read more...
नीचे बॉक्स में लिंकों को क्लिक कर आप संबंधित पोस्ट को पढ़ सकते हैं -

लिंक-प्रतीक-चिन्ह (LOGO) - सबद-लोक

सबद-लोक

मार्गदर्शन -

* सम्पादन -सहयोग : अरविन्द श्रीवास्तव,मधेपुरा , अशोक सिंह (जनमत शोध संस्थान, दूमका), ,अरुण कुमार झा

* सहायता तकनीकी:अंशु भारती

सबद-लोक का लिंक-लोगो लगायें -

अपनी मौलिक-अप्रकाशित रचनायें कृपया इस पते पर प्रेषित करें -

  • डाक का पता- हंसनिवास, कालीमंडा,
  • हरनाकुंडी रोड,पोस्ट-पुराना दुमका,जिला- दुमका (झारखंड) - 814 101
  • ई-पता = sk.dumka@gmail.com
  • और mail@sushilkumar.net
-:लेखा-जोखा:-

__________

______________

  © Blogger templat@सर्वाधिकार : सुशील कुमार,चलभाष- 09431310216 एवं लेखकगण।

Back to TOP